बतकही

बातें कही-अनकही…

कथेतर

सम्पूर्णानन्द जुयाल

वंचित वर्गों के लिए अपना जीवन समर्पित करता एक अध्यापक भाग-तीन:— ख़ानाबदोश बच्चों की दुनिया बदलने को प्रतिबद्ध जब किसी समाज या उसके वृहद् भाग पर कोई भीषण संकट आता है, तब अधिकांश लोग अपने-आप को बचाने की क़वायद में लग जाते हैं, अपने जीवन की रक्षा में संलग्न, अपनी संपत्ति, अपने संसाधनों की रक्षा में सन्नद्ध...| लेकिन हमारे ही आसपास कुछ ऐसे भी लोग अक्सर मिल जाएँगें, जो अपने जीवन और संसाधनों की रक्षा…

कथेतर

संगीता कोठियाल फरासी

भीख माँगते बच्चों को अक्षरों की दुनिया में ले जाती एक शिक्षिका भाग-2 : भीख के कटोरे से अक्षरों की दुनिया की ओर बढ़ते क़दम ... पौड़ी में मेरे प्रवास के लगभग डेढ़ सालों के दौरान संगीता जी से कई बार मिलने और उनसे बातचीत के अवसर मिले | एक बार जब मैंने उनसे पूछा, कि उन्हें भीख माँगने वाले बच्चों को पढ़ाने का ख्याल कैसे आया, तो उन्होंने बड़ी ही दिलचस्प घटना बताई, जो…

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