बतकही

बातें कही-अनकही…

कथेतर

माधवी ध्यानी : अंग्रेजी भाषा से बच्चों की दोस्ती कराती अध्यापिका

भाग-दो : अंग्रेज़ी कोई हौवा नहीं ! एक नई भाषा सीखना किसी के लिए भी किन रूपों में और कैसे मददगार होता या हो सकता है? किसी व्यक्ति के जीवन में किसी भी नई भाषा की क्या भूमिका हो सकती है? विद्वान् कहते हैं कि एक नई भाषा किसी व्यक्ति को ज्ञान की नई दुनिया में ले जाने में बहुत अधिक मददगार होती है | लेकिन ऐसा क्यों? ज्ञान-अर्जन के लिए तो प्रायः साहित्य, इतिहास,…

कथेतर

सम्पूर्णानन्द जुयाल

वंचित वर्गों के लिए अपना जीवन समर्पित करता एक अध्यापक भाग-एक : यदि कोई मुझसे पूछे, कि संसार का सबसे अधिक दायित्वपूर्ण कार्य कौन-सा है ? तो निःसंकोच मेरा उत्तर होगा —अध्यापक का कार्य | क्योंकि वही समाज का निर्माता है, वही उसका विनाशक भी; वही उसका मार्गदर्शक है, वही उसका पथ-भ्रष्टक भी; वह चाहे तो समाज को नई दिशा मिल जाय और वह यदि निश्चय कर ले तो समाज को दिग्भ्रमित करके पतन की…

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