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1857 का विद्रोह : ‘पवित्र डाकुओं’ का सच

1857 का विद्रोह या ग़दर, जिसे ज्योतिबाराव फुले ‘चपाती विद्रोह’ कहते हैं और जिसे ‘ब्राह्मण विद्रोह’ भी कहा जा सकता है, अपने-आप में इतने सारे महत्वपूर्ण तथ्य समेटे हुए, जो यदि बाहर आ जाएँ, तो सनातनी-ब्राह्मणों का और उनके तथाकथित ‘प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 के विद्रोह’ का एक नया ही चेहरा उजागर हो जाएगा | उन्हीं में से एक है ‘पवित्र डाकुओं’ का सच, जिनको ‘मसीही महापुरुष’ या ‘मसीहा’ कहा गया और इनके डकैती के…

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