बतकही

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कथेतर

सरिता मेहरा नेगी: ‘एक विद्यालय’ बनाने की कोशिश में ‘पहली अध्यापिका’

भाग-एक : ‘पहली अध्यापिका’ तत्कालीन सोवियत रूस के एक क्षेत्र कज़ाकिस्तान के लेखक चिंगिज़ एतमाटोव द्वारा रचित ‘पहला अध्यापक’ पढ़ने के बाद मैं कभी उस अध्यापक दूइशेन को भूल ही नहीं सकी, जिसने अपने विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए न केवल अपनी पूरी ऊर्जा ही ख़र्च कर डाली, बल्कि उसके लिए अपना जीवन संकट में डाल दिया ! और इससे भी आगे बढ़कर अपनी एक किर्गीज विद्यार्थी आल्तीनाई सुलैमानोव्ना की केवल शिक्षा के लिए ही…

निबंध

हमें फ़टी जींस नहीं तन ढँकने का अधिकार चाहिए

घटना 19 सदी के त्रावणकोर (केरल) के हिन्दू रियासत की है | वहाँ की रानी अत्तिंगल की एक दासी एक दिन अपने शरीर के ऊपरी भाग, यानी स्तनों को ढँककर महल में अपना काम करने गई | रानी ने जब देखा कि उसकी अदना-सी दासी ने उच्च-वर्णीय समाज के बनाए नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने स्तनों को ढँककर रखा है तो रानी अत्तिंगल के क्रोध की सीमा न रही और उसने राजकर्मचारियों को उस…

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